चारों तरफ से दुःख और गम: लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रता



एक ऐसी खबर जिसने हर हिन्दुस्तानी का दिल दहला दिया – “लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह”


हादसा जो हर देशवासी को झकझोर गया

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह की खबर ने पूरे देश को भावुक कर दिया। यह हादसा पूर्वी लद्दाख के दुर्गम इलाके में हुआ, जहाँ सेना की एक गाड़ी पर अचानक एक विशाल बोल्डर गिर गया। सेना इस इलाके में Durbuk से Chongtash की तरफ मूव कर रही थी। हादसे के समय वाहन में कुल 5 जवान थे, जिनमें दो वीर सपूतों ने वहीं दम तोड़ दिया।

कौन थे ये वीर जवान?

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह भारतीय सेना की 14 Sindh Horse रेजिमेंट से थे। Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह मंकोटिया जम्मू के रहने वाले थे, जिन्हें उनके कड़क अनुशासन और वीरता के लिए जाना जाता था। वहीं Lance Dafadar दलजीत सिंह पंजाब के गुरदासपुर जिले से थे और अपने जज़्बे व वफादारी से साथियों के दिलों में बसते थे।

कैसे हुआ लद्दाख हादसा?

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह का यह बलिदान एक प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ। जब सेना की गाड़ी पहाड़ों के बीच से गुजर रही थी, तभी ऊपर से एक विशाल चट्टान अचानक टूटकर वाहन पर आ गिरी। इस दुर्घटना में तीन अन्य अधिकारी—Major Mayank Shubham, Major Amit Dixit और Captain Gaurav—गंभीर रूप से घायल हुए।

Fire & Fury Corps की ओर से श्रद्धांजलि

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह को Fire & Fury Corps और Northern Command ने गहरी श्रद्धांजलि दी। सेना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि:

“We salute Lt. Col. Bhanu Pratap Singh and Lance Dafadar Daljeet Singh for their supreme sacrifice in the line of duty.”

सेना के तमाम जवानों और अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अंतिम विदाई दी।

शहीदों के परिवार का दर्द

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह के परिवारों के लिए यह पल बेहद दुखद रहा। भानु प्रताप सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। दलजीत सिंह के घर में उनके माता-पिता और एक बहन हैं। दोनों परिवारों ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है, लेकिन ये कमी कोई पूरी नहीं कर सकता।

देशभर में दुख की लहर

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह की खबर पूरे देश में फैलते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलियों की बाढ़ आ गई। ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम से लेकर हर जगह लोग उनके बलिदान को सलाम कर रहे थे। TV चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज लगातार चल रही थी और हर कोई बस यही कह रहा था – “इन पर देश को नाज़ है।”

शहादत को कभी भुलाया नहीं जाएगा

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह का बलिदान इस देश की मिट्टी में हमेशा जिंदा रहेगा। ऐसे सैनिकों की वजह से ही हमारा देश सुरक्षित है। हमें उनकी कुर्बानी से सीख लेकर सेना को हर संभव समर्थन देना चाहिए और दुर्गम इलाकों में तैनात जवानों के लिए और बेहतर संसाधन सुनिश्चित करने चाहिए।

30 जुलाई को लद्दाख में हुए हादसे में भारतीय सेना के दो वीर जवान, Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह, शहीद हो गए। यह हादसा तब हुआ जब उनकी गाड़ी पर एक चट्टान गिर गई। दोनों जवान 14 Sindh Horse रेजिमेंट से थे। सेना और देश ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। यह शहादत हमें याद दिलाती है कि हमारे सैनिक कितनी कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं।

Source: Economic Times रिपोर्ट

लद्दाख हादसे में शहीद Lt. Colonel भानु प्रताप सिंह और Lance Dafadar दलजीत सिंह की दुखद खबर से पूरा देश गमगीन है। सेना का वाहन पहाड़ी रास्ते से गुजर रहा था, तभी भारी चट्टान गिरने से दुर्घटना हुई। दोनों जवानों ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। सेना ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी। ये शहादत हमें उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की याद दिलाती है, जो सदा प्रेरणा बनी रहेगी।

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